न तेरी मंजिलें है खफा,
न ही तेरा रास्ता है वफा,
तेरा हौसला कर दिखाएगा, तेरा सपना हर दफा।
याद करेगा ये जग,
कुछ करना है तुझे ऐसा मगर।
हार-हार के जग ना होगा पार,
कुछ करना है ऐसा कि हर वार हो लाजवाब।
न घबराना है, न ही चहकना है
कुछ ऐसा करना है कि चारों ओर महकना है।
चेहरे पर मुस्कान ,
आत्मविश्वास से भरा तन-मन जीवन-ए-बागान,
चारों ओर तेरा गुणगान ,
कुछ ऐसी हो तेरी पहचान।
हौसलें बनाए रखने है,
क्योंकि सपने तेरी दर पर है।
- विनीता
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